दुनिया के सबसे मशहूर स्पोर्ट्सवियर ब्रांड में से एक एडिडास (Adidas) की चाइनीज यूनिट में बड़े पैमाने पर घूसखोरी का मामला सामना आया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि एक व्हिसलब्लोअर ने एडिडास की चाइनीज यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों पर ‘करोड़ों यूरो’ के गबन का आरोप लगाया है। व्हिसलब्लोअर वह शख्स होता है, जो गुमनाम रहकर अपनी कंपनी के भीतर हो रही गड़बड़ियों को उजागर करता है।
क्या हैं व्हिसलब्लोअर के आरोप?
इस मामले को एडिडास ने काफी गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है। व्हिसलब्लोअर ने ‘गुमनाम खत’ में मार्केटिंग बजट में शामिल एक वरिष्ठ प्रबंधक समेत कई चीनी एडिडास कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं। खत के मुताबिक, एडिडास के कर्मचारियों को एक्सटर्नल सर्विस प्रोवाइडर से भारी रिश्वत मिली। इसमें ‘सप्लायर से लाखों की नकदी के साथ रियल एस्टेट जैसी भौतिक वस्तुएं’ भी शामिल हैं।
एडिडास ने आरोपों पर क्या कहा?
एडिडास ने रिश्वतखोरी के आरोप सार्वजनिक के फौरन बाद एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया, ‘हमें एक गुमनाम पत्र मिला है, जिसमें चीन में हमारे कर्मचारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने की जानकारी मिली है। हम फिलहाल कानूनी सलाहकार के साथ मिलकर मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।’
चीन में एडिडास का मार्केटिंग बजट सालाना 250 मिलियन यूरो ($267.5 मिलियन) है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हिसलब्लोअर ने पत्र में अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं दिए हैं, लेकिन उसने कंपनी की गोपनीय और संवेदनशील चीजों के बारे में बारीक जानकारियां दी हैं। अभी तक किसी भी आरोपी के खिलाफ एडिडास ने कोई एक्शन नहीं लिया है।
एडिडास के लिए चीन में चुनौतियां
कोरोना महामारी से पहले एडिडास के लिए चीन सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार था और वहां से उसे काफी फायदा भी हो रहा था। लेकिन, महामारी के बाद चीन में काफी लंबे वक्त लॉकडाउन रहा। इससे बाकी कंपनियों की तरह एडिडास का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
चीनी उपभोक्ता झिंजियांग क्षेत्र से कपास खरीदने से इनकार करने पर पश्चिमी देशों के ब्रांड से नाराज भी हैं। दरअसल, मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया था कि कपास की खेती में बाल मजदूरी कराई जाती है। इसके बाद पश्चिमी ब्रांड ने झिंजियांग क्षेत्र से कपास की खरीद बंद कर दी थी।
एडिडास ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव किए। लेकिन, रिश्वतखोरी के मौजूदा आरोपों से उसकी मुश्किलों में और इजाफा होने की आशंका है।
(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)