पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) मलविंदर सिंह सिद्धू (59) ने अपने दामाद हरप्रीत सिंह (34) को निशाना बनाकर गोली चलाई, जो दिल्ली में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में भारतीय नागरिक लेखा सेवा (आईसीएएस) अधिकारी हैं।
हरप्रीत सिंह का पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा था। इसी केस की सुनवाई के लिए वह कोर्ट पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपी ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक हरप्रीत सिंह कृषि विभाग में अफसर थे। उनकी शादी कुछ वर्ष पहले डॉ. अमितोज कौर के साथ हुई थी। फिलहाल अमितोज कौर कनाडा में रह रही हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने तलाक का केस फाइल किया था। विदेश में होने की वजह से अमितोज कौर ने अपने पिता मालविंदर सिंह सिद्धू को सुनवाई की पावर ऑफ अटॉर्नी दी हुई थी।
करीब 5 महीने पहले कोर्ट ने मीडिएशन (मध्यस्थता) सेंटर को केस ट्रांसफर किया था। दोनों पक्षों में 2 बार शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत हो चुकी थी। शनिवार को दोनों पक्ष तीसरे दौर की बातचीत के लिए पहुंचे थे।
एक वकील ने कहा, “मध्यस्थता केंद्र का उद्देश्य अलग रह रहे जोड़ों की काउंसलिंग करना है। लोग यहां अक्सर झगड़ते हैं और हम जोरदार और आक्रामक झगड़ों की आवाजें सुनने के आदी हो चुके हैं। लेकिन कोई भी यह कल्पना नहीं कर सकता कि इमारत के अंदर दिनदहाड़े इतनी बेशर्मी से हत्या की घटना हो सकती है।”
बाथरूम का रास्ता पूछने के बहाने बाहर ले गया
इस बीच, लड़की के पिता पंजाब पुलिस के पूर्व AIG मालविंदर सिंह सिद्धू ने बाथरूम जाने की बात कही। वह अपने दामाद हरप्रीत को रास्ता पूछने के बहाने मीडिएशन सेंटर से बाहर लाए। बाहर आते ही ससुर ने करीब 5 राउंड फायरिंग की। जिसमें 2 गोलियां हरप्रीत सिंह को सीने और गर्दन में लगी। गोली लगने के कारण हरप्रीत दर्द से कराह रहे थे और उनके चारों ओर खून जमा हो गया था।
घायल हरप्रीत की 63 वर्षीय मां की चीखें हवा में गूंजने लगीं। उनका खून फर्श पर बिखरा हुआ था, हरप्रीत अपने बाएं हाथ से खुद को सहारा देने की कोशिश कर रहे थे।
10-12 मिनट बाद ही आस-पास के कोर्ट रूम में मौजूद लोगों को घटना की गंभीरता का एहसास हुआ और वे उसकी मदद के लिए दौड़े।
कुछ लोग अभी भी अपने मोबाइल फोन पर हरप्रीत के दर्दनाक अंतिम क्षणों को फिल्माने में व्यस्त थे। कुछ ही समय में वीडियो वायरल हो गए।
रोजाना हजारों लोगों के आने के बावजूद, कोर्ट परिसर में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई एम्बुलेंस या पैरामेडिक्स तैनात नहीं थे।
पुलिस के कहीं न होने के कारण, हरप्रीत को आखिरकार एक निजी वाहन में पीजीआईएमईआर ले जाया गया। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें तुरंत कोई मदद नहीं दी गई।
घटनास्थल के पास मौजूद वकीलों ने तुरंत मलविंदर को एक कमरे में बंद कर दिया और उसे बाहर से बंद कर दिया। आखिरकार पुलिस ने उसे घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया।
SSP बोलीं- आरोपी घटनास्थल से पकड़ा
चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा कि आज 2 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर कोर्ट में फायरिंग को लेकर कॉल आई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उससे एक हथियार बरामद किया है, वह .32 बोर का पिस्टल है।
आरोपी पिस्टल के साथ कोर्ट परिसर के किस गेट से दाखिल हुआ, इसकी जांच की जा रही है। जिस फ्लोर पर मीडिएशन सेंटर है, वहां CCTV कैमरे नहीं लगे हुए। कुछ लोगों ने मौके की वीडियोग्राफी की है। उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटनास्थल से 4 खोल बरामद किए गए हैं, जबकि 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
आसपास के लोगों ने हरप्रीत को संभाला। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान हरप्रीत सिंह की मौत हो गई।
AIG का विवादों से पुराना नाता है
पूर्व AIG मालविंदर सिंह सिद्धू का विवादों से पुराना नाता रहा है। अक्टूबर 2023 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मालविंदर सिंह सिद्धू और उसके दो साथियों के खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी और रिश्वत लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, तत्कालीन AIG (ह्यूमन राइट्स) अपने साथियों के साथ मिलकर सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ नाजायज शिकायत देकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। उन पर सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करने के भी आरोप लगे। उन्हें अर्टिगा गाड़ी मिली हुई थी। जिसमें वह पंजाब विजिलेंस के AIG बनकर लोगों की जांच करने के लिए जाते थे। जबकि उस दौरान वह कभी भी विजिलेंस ब्यूरो में कार्यरत नहीं रहे।