गलियों में खेलते नजर आए बच्चे

जिला फाजिल्का के सीमावर्ती गांव घड्डूमी, महार खीवा, पक्का चिश्ती का दौरा करने पर पिछले दिनों की तुलना में यहां माहौल बदला नजर आया। खेतों में किसान अगली फसल की तैयारी में जुटे दिखे तो गलियों में बच्चे खेल रहे थे। जब टीम गांव पक्का चिश्ती पहुंची तो चौक पर पंक्चर की दुकान पर भीड़ मिली। किसान इंकलाब गिल ने कहा कि जब सीमा पर गड़बड़ी हुई तो चिंता जरूर हुई, पर खेती नहीं रुकी।

अब हमें पनीरी की बिजाई करनी है। तीन-चार दिन हमने हाथ रोके रखे। जब सीजफायर की घोषणा हो गई है तो हमें किसी बात का डर नहीं। हम अपने हल से देश का हौसला जोतते हैं। गांव कबूल शाह के गुरप्रीत सिंह ने बताया कि पक्का चिश्ती में उनका रिश्तेदार सुखविंदर सिंह रहता है।
उसका पशुपालन का काम है। जैसे ही तनाव बढ़ा, उसने फोन करके कहा कि मवेशियों की संभाल जरूरी है और बिना देर किए ट्राली लेकर पहुंच गया और मवेशियों को अपने गांव ले गया। अब हमारे गांव में फिर से शांति है। बीती रात एक भी संदिग्ध आवाज नहीं आई, न कोई हलचल हुई। सुबह ही मैं पशुओं को लादकर लौट आया हूं।