अर्जुन कपूर आज 40 साल के हो गए हैं। जानिए कैसे माता-पिता के तलाक और श्रीदेवी से बिगड़े रिश्तों ने उनकी ज़िंदगी को प्रभावित किया। सलमान खान की फैमिली से उनके रिश्ते और उनकी पर्सनल लाइफ के अनसुने किस्से पढ़िए इस लेख में।
अर्जुन कपूर @40: ज़िंदगी की अनकही कहानी
मुंबई। अर्जुन कपूर का फिल्मी करियर जितना चमकदार है, उनकी निजी ज़िंदगी उतनी ही जटिल और उतार-चढ़ाव भरी रही है। 26 जून 2025 को अर्जुन कपूर ने अपना 40वां जन्मदिन मनाया, लेकिन उनके पीछे की कहानी सिर्फ चकाचौंध नहीं, दर्द, संघर्ष और आत्मनिर्माण की मिसाल भी है।
माता-पिता का तलाक और मानसिक असर
साल 1996 में अर्जुन के माता-पिता बोनी कपूर और मोना शौरी का तलाक हुआ था। अर्जुन तब केवल 10 साल के थे। उसी साल बोनी कपूर ने अभिनेत्री श्रीदेवी से दूसरी शादी की, जिससे अर्जुन का अपने पिता से रिश्ता भी प्रभावित हुआ। उन्होंने इस बात को खुद स्वीकार किया कि इस हादसे ने उन्हें डिप्रेशन की ओर धकेला।
श्रीदेवी से दूरी और सौतेली बहनों से दूरियां
अर्जुन ने कभी श्रीदेवी को मां के रूप में स्वीकार नहीं किया। कई इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए श्रीदेवी सिर्फ उनके पिता की पत्नी थीं। जाह्नवी और खुशी कपूर से भी उनका कोई व्यक्तिगत रिश्ता नहीं था।
हालांकि 2018 में श्रीदेवी के निधन के बाद हालात बदले और अर्जुन ने अपने सौतेली बहनों के साथ भाई का फर्ज निभाया।
डिप्रेशन, मोटापा और अस्थमा से जंग
माता-पिता के अलगाव का असर अर्जुन की सेहत पर भी पड़ा। वज़न 150 किलो तक पहुंच गया, और अस्थमा जैसी बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया। एक समय ऐसा भी था जब वो 10 सेकंड भी दौड़ नहीं पाते थे। मगर उन्होंने खुद को फिर से खड़ा किया।
करियर की शुरुआत और सलमान का सहारा
अर्जुन कपूर की ज़िंदगी में एक महत्वपूर्ण मोड़ सलमान खान लेकर आए। उन्होंने अर्जुन को फिटनेस और एक्टिंग की ओर प्रेरित किया। बाद में अर्जुन ने ‘इशकज़ादे’, ‘2 स्टेट्स’ और ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ जैसी फिल्मों में काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई।
लव लाइफ और विवाद
अर्जुन की लव लाइफ हमेशा चर्चाओं में रही। पहले उनका नाम सलमान की बहन अर्पिता खान के साथ जुड़ा, और बाद में उन्होंने सलमान की भाभी मलाइका अरोड़ा को डेट करना शुरू किया। इस रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ, लेकिन अर्जुन ने कभी इसका सार्वजनिक तौर पर बचाव नहीं किया।
आज का अर्जुन: ट्रोलिंग से बेखौफ
भले ही अर्जुन कपूर आज भी ट्रोलिंग का शिकार होते हैं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे लगातार खुद को बेहतर बनाने में लगे हैं। चाहे फिल्में हों या व्यक्तिगत रिश्ते—वो बदलाव को स्वीकार कर आगे बढ़ते रहे हैं।
निष्कर्ष
अर्जुन कपूर की कहानी एक ऐसे अभिनेता की है जिसने निजी संघर्षों, पारिवारिक उलझनों और समाज की आलोचनाओं के बावजूद खुद को एक मुकाम तक पहुंचाया। उनका जीवन सबक देता है कि हर गिरावट के बाद उठने का हौसला ज़रूरी होता है।