हिसार, हरियाणा |
हरियाणा के हिसार जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 25 वर्षीय युवक अजय उर्फ मोदी ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। युवक भाटोल जाटान गांव का रहने वाला था और गांव बास में फौजी स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर मैकेनिक के रूप में काम करता था।
यह घटना रविवार सुबह प्रकाश में आई, जब बास खुर्द गांव के एक किसान बिजेंद्र को अपने खेत में पेड़ से लटका हुआ शव दिखाई दिया। शव की पहचान अजय के रूप में हुई। बास थाना पुलिस और FSL (Forensic Science Lab) टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को हांसी नागरिक अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
📌 कैसे हुआ खुलासा?
जानकारी के अनुसार, अजय शुक्रवार को सुबह रोज़ाना की तरह दुकान के लिए घर से निकला था। लेकिन जब वह शाम तक दुकान नहीं पहुंचा, तो मालिक ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिवार ने उसे ढूंढना शुरू किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
रविवार सुबह बास खुर्द के किसान बिजेंद्र को अपने खेत में एक सीसम के पेड़ पर शव लटका मिला। शव के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। FSL टीम ने शव के पास से साक्ष्य जुटाए, जिससे मौत के कारणों की पुष्टि की जा सके।

Mental Health का पहलू
मृतक के पिता रामफल ने पुलिस को बताया कि अजय पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। घर में एक मामूली कहासुनी के बाद वह घर से निकला था और फिर लौटकर नहीं आया। मोबाइल फोन भी घर पर ही रह गया था। परिजनों ने मामले को दुर्घटनावश आत्महत्या बताया है और किसी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है।
पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे आगे की कार्रवाई तय होगी।
⚖️ पुलिस जांच और संवेदनशीलता
बास थाना प्रभारी के अनुसार, मृतक युवक के परिवार की ओर से किसी तरह का कोई शक या संदेह नहीं जताया गया है। फिर भी पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल रिकॉर्ड्स के आधार पर मामले की हर एंगल से जांच कर रही है, ताकि अगर कोई और कारण हो तो वह सामने आ सके।
📉 Suicide मामलों में वृद्धि
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, नौकरी, पारिवारिक तनाव, और सामाजिक दबाव के कारण युवा वर्ग मानसिक रूप से कमजोर हो रहा है। Early Counseling, Emotional Support और Helpline Services की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
🧩 Need for Mental Health Support
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Mental health issues अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं क्योंकि लोग इन्हें सामाजिक कलंक समझते हैं।
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आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए गांवों और छोटे शहरों में Mental Health Awareness Campaigns चलाना ज़रूरी है।
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स्कूलों, कॉलेजों और वर्कप्लेस में Counseling Services की व्यवस्था होनी चाहिए।