जम्मू-कश्मीर। अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। गुरुवार को पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालु दो रास्तों से यात्रा करेंगे पहला पहलगाम और दूसरा बालटाल।
उप-राज्यपाल ने किया पहले जत्थे का स्वागत
बुधवार को जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल ने विशेष पूजा कर यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने “महादेव” का जयघोष करते हुए पहले जत्थे को रवाना किया। इस मौके पर सभी श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसका कारण यह है कि पहलगाम में पहले आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह पहली यात्रा है। सरकार और सेना ने यात्रियों की सुरक्षा को पूरी प्राथमिकता दी है।
#WATCH | Baltal, J&K | Pilgrims begin their trek towards the Holy Cave of Shri Amarnath Baba from Baltal Base camp pic.twitter.com/GHDX3lcDgX
— ANI (@ANI) July 3, 2025
पहले जत्थे में 5,469 श्रद्धालु शामिल
इस साल के पहले जत्थे में कुल 5,469 श्रद्धालु शामिल हैं। वे सभी पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। सभी श्रद्धालुओं की पहचान और दस्तावेज अच्छे से जांचे जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने कहा “व्यवस्था बहुत अच्छी है”
एक श्रद्धालु मनीषा रमोला ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। यहां की व्यवस्था बहुत शानदार है। बिना पहचान पत्र के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जो हमारी सुरक्षा के लिए जरूरी है। हमारा मकसद यहां घूमना नहीं, बल्कि धार्मिक यात्रा करना है। मैं देश की भलाई के लिए प्रार्थना करती हूं।”
“हम आतंकवाद से नहीं डरते” – श्रद्धालु
पहलगाम से रवाना होने वाले जत्थे के एक श्रद्धालु ने कहा, “हम बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं। हमें आतंकवाद से डर नहीं लगता। हम पूरी श्रद्धा से यात्रा पूरी करेंगे। हमें यहां बहुत अच्छी सुविधाएं मिली हैं और हम अमरनाथ श्राइन बोर्ड के बहुत आभारी हैं।”
यह सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं – संभागीय आयुक्त
कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने कहा,“अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं है। इसमें सुरक्षा बल, पिट्ठू (बोझ ढोने वाले), टेंट वाले और सेवा देने वाले सभी लोग मिलकर सहयोग करते हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह बहुत ऊंचा है। मैं चाहता हूं कि सभी की मनोकामनाएं पूरी हों और हमारे देश में शांति और खुशहाली बनी रहे।”