पंजाब सरकार धार्मिक भावनाओं के अपमान से जुड़े मामलों में कड़ी सजा देने के लिए एक नया “एंटी-सैक्रिलेज लॉ” (Anti-Sacrilege Law) लाने की योजना बना रही है। इस कानून का उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब, श्रीमद्भगवतगीता, पवित्र कुरान और पवित्र बाइबिल जैसे पवित्र ग्रंथों का अपमान करने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा देना है।
यह कानून, जिसे “भारतीय दंड संहिता (पंजाब संशोधन) विधेयक, 2018” के रूप में भी जाना जाता है, धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से पवित्र ग्रंथों को नुकसान पहुंचाने या अपवित्र करने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान करता है। इसके अतिरिक्त, धार्मिक भावनाओं को भड़काने के उद्देश्य से किए गए अपराधों के लिए तीन साल की सजा का प्रावधान है।
पंजाब सरकार का कहना है कि मौजूदा कानून में खामियां हैं, जिसके कारण दोषियों को पर्याप्त सजा नहीं मिल पाती है। इसलिए, सरकार कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर एक मजबूत राज्य स्तरीय कानून बनाने की योजना बना रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के दोषी लोगों को कड़ी सजा मिले।