पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को चंडीगढ़ में ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ लॉन्च की। इस योजना के तहत पंजाब के हर व्यक्ति के सेहत कार्ड बनाए जाएंगे। सेहत कार्ड से उन्हें 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। 2 अक्टूबर से कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस योजना में बड़े-बड़े अस्पताल शामिल हैं। लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। लोग पहले नीले-पीले कार्डों के चक्कर में फंसे रहते थे। अब सेहत कार्ड के जरिए हमने तय किया है कि जो पंजाब का निवासी होगा, उसे हर हाल में इलाज मिलेगा।
‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ से जुड़े 5 जरूरी सवाल-जवाब…
सवाल: स्कीम कब से शुरू होगी? जवाब: 2 अक्टूबर से पंजाब में सेहत कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे।
सवाल: किन लोगों को योजना का लाभ मिलेगा? जवाब: पंजाब के सभी लोगों के कार्ड बनाए जाएंगे। किसान, मजदूर, सरकारी कर्मचारी, पेंशनर सभी इसका लाभ उठा सकेंगे।
सवाल: कार्ड कैसे बनवा सकते हैं? जवाब: इसके लिए सुविधा केंद्र और अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन कैंप शुरू होंगे। इसके लिए सिर्फ आधार कार्ड और वोटर कार्ड दिखाना होगा।
सवाल: कौन-कौन सी बीमारी कवर होंगी? जवाब: अभी सरकार की तरफ से इसकी डिटेल नहीं दी गई है। हालांकि, सरकार कहना है कि इस योजना में सभी गंभीर बीमारियों को कवर किया जाएगा।
सवाल: कौन से अस्पतालों में योजना का लाभ मिलेगा? जवाब: सरकार का कहना है कि सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कार्ड से मुफ्त इलाज करा पाएंगे। स्कीम शुरू होने तक राज्य में प्राइवेट अस्पतालों की संख्या 2 हजार तक लेकर जाएंगे।
आयुष्मान योजना से कितनी अलग नई योजना?
पंजाब में पहले से ही मुख्यमंत्री सरबत सेहत बीमा योजना चल रही है, जिसके तहत सरकारी और पैनल वाले अस्पतालों में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इस योजना में राज्य के 80 प्रतिशत लोग कवर होते हैं। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जो पूरे भारत में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख तक के इलाज की सुविधा देती है। यह योजना सभी राज्यों में लागू है, लेकिन इसमें राज्य सरकार की भागीदारी जरूरी है।
अब पंजाब सरकार जो नई योजना लेकर आई है, उसका फायदा सभी आयु वर्ग के लोग उठा पाएंगे। इस योजना में कोई ऐसी शर्त नहीं है कि केवल इतने प्रतिशत लोगों को ही इसका लाभ मिलेगा, बल्कि इसके लिए सिर्फ पंजाब का निवासी होना जरूरी है।