नई दिल्ली। श्राद्ध के समय कुछ खास नक्षत्र आते हैं। हर नक्षत्र का संबंध एक विशेष पेड़ से माना गया है। मान्यता है कि अगर इन नक्षत्रों में उस पेड़ को लगाया जाए और उसकी देखभाल की जाए, तो जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सौभाग्य बढ़ता है। इस बार श्राद्ध में कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं किस नक्षत्र में कौन सा पेड़ लगाना शुभ रहेगा।
- कृतिका नक्षत्र – गूलर का पेड़
- समय: 13 सितम्बर सुबह 10:12 बजे तक
- संबंधित पेड़: गूलर
- फल: इस नक्षत्र में गूलर का पेड़ लगाने और उसकी सेवा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- रोहिणी नक्षत्र – जामुन का पेड़
- समय: 13 सितम्बर 10:12 बजे से 14 सितम्बर सुबह 8:41 बजे तक
- संबंधित पेड़: जामुन
- फल: जामुन का पेड़ रोहिणी नक्षत्र में लगाने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
- मृगशिरा नक्षत्र – खैर का पेड़
- समय: 14 सितम्बर सुबह 8:41 बजे से 15 सितम्बर सुबह 7:32 बजे तक
- संबंधित पेड़: खैर
- फल: खैर का पेड़ लगाने से अच्छे संस्कार और गुण विकसित होते हैं।
- आर्द्रा नक्षत्र – शीशम का पेड़
- समय: 15 सितम्बर सुबह 7:32 बजे से 16 सितम्बर सुबह 6:46 बजे तक
- संबंधित पेड़: शीशम
- फल: शीशम का पेड़ लगाने से ऐश्वर्य और धन-समृद्धि बढ़ती है।
- पुनर्वसु नक्षत्र – बांस का पेड़
- समय: 16 सितम्बर सुबह 6:46 बजे से 17 सितम्बर सुबह 6:26 बजे तक
- संबंधित पेड़: बांस
- फल: बांस लगाने से शरीर और मन दोनों की सुंदरता बढ़ती है।
- पुष्य नक्षत्र – पीपल का पेड़
- समय: 17 सितम्बर सुबह 6:26 बजे से 18 सितम्बर सुबह 6:33 बजे तक
- संबंधित पेड़: पीपल
- फल: पीपल का पेड़ लगाने से लंबी आयु और स्वास्थ्य का लाभ मिलता है।
- मघा नक्षत्र – बरगद का पेड़
- समय: 19 सितम्बर सुबह 7:06 बजे से 20 सितम्बर सुबह 8:06 बजे तक
- संबंधित पेड़: बरगद
- फल: बरगद का पेड़ लगाने और संभालने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र – ढाक का पेड़
- समय: 20 सितम्बर सुबह 8:06 बजे से 21 सितम्बर सुबह 9:32 बजे तक
- संबंधित पेड़: ढाक
- फल: ढाक का पेड़ लगाने से सौभाग्य और शुभ फल मिलते हैं।