HEALTH TIPS: हमारे शरीर का हर अंग अहम है, लेकिन लिवर (जिगर) को खास जगह दी जाती है। यह शरीर का सबसे बड़ा अंग है और कई महत्वपूर्ण काम करता है, जैसे खाना पचाने में मदद करना, शरीर से ज़हरीले तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालना, कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रखना, पित्त (बाइल) बनाना, ग्लूकोज़ को स्टोर करके ऊर्जा का संतुलन बनाए रखना। लिवर की खासियत है कि यह खुद को रिपेयर भी कर लेता है, लेकिन अगर इसमें बार-बार समस्या आए तो शरीर कई संकेत देता है, जिन्हें पहचानना ज़रूरी है।
फैटी लिवर और सूजन कैसे होती है?
जब लिवर की कोशिकाओं (सेल्स) में ज़्यादा मात्रा में चर्बी (फैट) जमा होने लगती है तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। फैटी लिवर की वजह से कोशिकाओं में सूजन आ जाती है। शरीर की कैलोरी फैट में बदलकर लिवर में जमा होने लगती है। इसके अलावा वायरल इंफेक्शन, शराब का ज़्यादा सेवन, दवाओं के साइड इफेक्ट और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां भी लिवर में सूजन का कारण बन सकती हैं।
लिवर में सूजन के लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार, जब लिवर में सूजन बढ़ने लगती है, तो शरीर कुछ संकेत देता है:
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन
- भूख न लगना
- लगातार थकान और कमजोरी
- मतली या उल्टी आना
- आंखों और त्वचा का पीला होना (पीलिया)
- पेशाब का रंग गहरा होना और मल का रंग हल्का होना
- पैरों और शरीर में सूजन आना
- बार-बार बुखार आना
लिवर की सूजन कितनी खतरनाक हो सकती है?
लिवर की सूजन को हल्के में लेना गलत है। अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो यह गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है:
- सिरोसिस (Cirrhosis): इसमें लिवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे खराब हो जाती हैं।
- लिवर फेलियर (Liver Failure): इलाज में देरी होने पर लिवर काम करना बंद कर सकता है।
- लिवर कैंसर (Liver Cancer): लंबे समय तक सूजन और सिरोसिस बने रहने पर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय
- हमेशा हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
- शराब और तंबाकू से दूरी बनाए रखें।
- तैलीय और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें।
- ज्यादा से ज्यादा फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।
- वजन कंट्रोल में रखें।
- रोज़ाना व्यायाम करें।
- हेपेटाइटिस ए और बी का टीका लगवाएं।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें।