Recipe: मौसम बदलने के साथ-साथ हमारे खानपान में भी बदलाव करना बहुत ज़रूरी होता है। इससे इम्यूनिटी (रोग-प्रतिरोधक क्षमता) मजबूत होती है और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। अक्टूबर के महीने में अब साग का मौसम शुरू हो गया है। इस समय बाजार में पालक, मेथी, सरसों और बथुआ जैसे हरे पत्तेदार साग आसानी से मिल जाते हैं।
साग के फायदे
हरे पत्तेदार साग जैसे सरसों, पालक और मेथी में पोटैशियम, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये साग न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि स्किन, बालों और दिल की सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। पंजाब में तो लोग इसे बहुत शौक से खाते हैं, खासकर सरसों का साग और मक्के की रोटी का कॉम्बिनेशन तो बेहद प्रसिद्ध है।
सरसों का साग – स्वाद और सेहत का मेल
अगर आप पंजाबी स्टाइल में सरसों का साग बनाना चाहते हैं, तो आप शेफ कुणाल कपूर की यह आसान रेसिपी फॉलो कर सकते हैं। इसमें स्वाद के साथ-साथ पोषण भी भरपूर है।
सरसों का साग बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री
- सरसों के पत्ते – 300 ग्राम
- पालक के पत्ते – 80 ग्राम
- मेथी के पत्ते – एक मुट्ठी
- बथुआ के पत्ते – 50 ग्राम
- मूली के पत्ते – 50 ग्राम
- चना दाल (भिगोई हुई) – 65 ग्राम
- शलजम (छीला और कटा हुआ) – थोड़ा सा
- पानी – जरूरत के अनुसार
तड़के के लिए:
- देसी घी – 3 बड़े चम्मच
- लहसुन (कटा हुआ) – 1 बड़ा चम्मच
- प्याज (कटा हुआ) – 3 बड़े चम्मच
- हरी मिर्च (कटी हुई) – स्वाद अनुसार
- अदरक (कटा हुआ) – 2 छोटे चम्मच
- मक्की का आटा – 1 बड़ा चम्मच
- नमक – स्वाद अनुसार
दूसरे तड़के के लिए:
- देसी घी – 1 बड़ा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच
(आप चाहें तो सामग्री की मात्रा अपनी जरूरत के हिसाब से बढ़ा या घटा सकते हैं।)
सरसों का साग बनाने की आसान विधि
1️⃣ साग उबालना
- सबसे पहले सभी पत्तेदार सब्जियों (सरसों, पालक, मेथी, बथुआ) को अच्छी तरह धो लें और काट लें।
- इन्हें कुकर में थोड़ा पानी डालकर रखें, साथ ही हरी मिर्च भी डालें।
- कुकर का ढक्कन बंद करें और एक सीटी आने तक पकाएं।
- अब ढक्कन खोलकर 3–4 मिनट और पकाएं।
2️⃣ साग घोटना (मैश करना)
- अब पकी हुई सब्जियों को मथनी से कूटें। इससे साग का टेक्सचर बहुत बढ़िया आता है।
- चाहें तो मिक्सर से भी पीस सकते हैं, लेकिन मथनी से घोटा हुआ साग ज्यादा स्वादिष्ट होता है।
- अब इसे धीमी आंच पर हल्का पकाते रहें।
3️⃣ तड़का तैयार करना
- एक पैन में देसी घी गर्म करें (तेल भी ले सकते हैं)।
- इसमें डालें – हींग, सूखी लाल मिर्च और लहसुन।
- जब लहसुन हल्का भूरा हो जाए, तब अदरक और प्याज डालें।
- प्याज सुनहरा भूरा होने पर हरी मिर्च और मसाले (लाल मिर्च, धनिया पाउडर) डालें।
- अब इसमें तैयार किया हुआ साग डालें और अच्छे से मिलाते हुए पकाएं।
- अंत में मक्की का आटा और नमक डालकर 5–7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
4️⃣ दूसरा तड़का लगाना (वैकल्पिक)
- एक छोटे पैन में देसी घी गरम करें।
- उसमें थोड़ा लाल मिर्च पाउडर डालें और इसे साग पर डाल दें।
- ऊपर से थोड़ा मक्खन या घी डालें और मक्की की रोटी के साथ गरमागरम परोसें।
टिप्स और ट्रिक्स
- साग बनाने से पहले पत्तियों को अच्छी तरह धोना बहुत ज़रूरी है ताकि मिट्टी या कीड़े न रहें।
- सब्जियों को उबालते समय बहुत ज़्यादा पानी न डालें, नहीं तो साग छींटे मारेगा।
- उबला हुआ साग बिना तड़के के फ्रिज में 2–3 दिन तक रखा जा सकता है।
- जब खाना हो, तभी साग में तड़का लगाकर परोसें, इससे स्वाद और ताज़गी बनी रहती है।
परोसने का तरीका
गर्मागरम सरसों का साग, साथ में मक्की की रोटी, ऊपर से मक्खन की डली और एक गिलास मीठी लस्सी – बस फिर क्या कहना! यह कॉम्बिनेशन न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है बल्कि सर्दियों में शरीर को ऊर्जा और गर्माहट भी देता है।