पूर्व मंत्री एवं शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) पर शराब घोटाले में शामिल होने एवं रेत माफिया के साथ मिलीभगत होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच ईडी एवं सीबीआइ से करवाने की मांग की है।
बौखलाए हुए मुख्यमंत्री: मजीठिया
मजीठिया ने कहा कि जालंधर पश्चिम विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी शीतल अंगुराल ने ही मुख्यमंत्री व मंत्रियों पर गंभीर लगाए गए हैं। इसके उत्तर में मुख्यमंत्री की ओर से शीतल अंगुराल के तथाकथित ठगी के मामलों का पर्दाफाश करने की धमकी देना मुख्यमंत्री की बौखलाहट को दर्शाता है।
सीएम से न्याय की उम्मीद रखना बेमानी: मजीठिया
मजीठिया ने कहा कि क्योंकि मुख्यमंत्री होने के नाते इस घोटाले में वे खुद ही आरोपित व खुद ही जज हैं इसलिए उनसे न्याय की उम्मीद रखना बेमानी है इसलिए समस्त प्रकरण की केंद्र सरकार को ईडी, सीबीआई अथवा किसी अन्य निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवानी चाहिए।
उन्होंने जालंधर उपचुनाव में आप के मंत्री डॉ. बलकार सिंह एवं कटारुचक्क के चुनाव प्रचार से दूर रहने पर भी सवाल उठाए। उधर, चंडीगढ़ में शिअद नेता अर्शदीप कलेर ने कहा कि मुख्यमंत्री व उनके परिवार पर लगाए गए शीतल के आरोप बेहद गंभीर हैं।
पार्टी एकजुट, बागी गुट के नेता चले हुए कारतूस
मजीठिया ने शिअद (बादल) के दोफाड होने की बातों को निराधार बताया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के 80 से 90 प्रतिशत नेता शिअद प्रधान सुखबीर बादल की अगुवाई में एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मौकाप्रस्त नेता ही विरोधी पार्टियों के कहने पर पार्टी को विभाजित करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। यह बागी गुट के नेता चले हुए कारतूस हैं, इनका आधार नहीं है।