
हरियाणा (Haryana News) में नकली ‘गरीबों’ पर सरकार की सख्ती का असर दिखने लगा है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फर्जी तरीके से गरीब बने 1609 परिवारों को बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की सूची से बाहर कर दिया गया है। एक मार्च से एक अप्रैल तक अभियान चलाकर यह कार्रवाई की गई है।
20 अप्रैल तक बीपीएल श्रेणी से नाम हटाने की चेतावनी
फर्जीवाड़ा करके बीपीएल बने परिवारों को 20 अप्रैल तक खुद ही अपना नाम बीपीएल श्रेणी से कटवाने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद सरकार ऐसे परिवारों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करवा सकती है। यह मुद्दा हाल ही में हुए बजट सत्र के दौरान विधानसभा में उठा था।
उस समय मुख्यमंत्री ने सदन में ही कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। अब धरातल पर यह कार्रवाई शुरू हो गई है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अभी 51 लाख 96 हजार 380 परिवार बीपीएल श्रेणी में हैं। बीपीएल परिवार का लाभ उसी परिवार को मिलता है, जिनकी सालाना आय 1.80 लाख से कम हो।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सरकार को शक है कि इससे ज्यादा आय होने के बावजूद परिवारों ने कम आय भरते हुए बीपीएल कार्ड बनवा लिया। कई परिवारों की आमदनी इस स्लैब से अधिक है। इसके बावजूद उन्होंने परिवार का फर्जी बंटवारा कर लिया।
कागजों में खुद को अलग-अलग दिखाकर बीपीएल परिवार वाले फायदे उठा रहे थे। ऐसे सभी लोगों के नाम काट दिए गए हैं। हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य कोआर्डिनेटर सतीश खोला ने कहा कि फैमिली आईडी में गलत जानकारी देकर बीपीएल श्रेणी में आने वालों की छंटनी की जा रही है। ऐसे लोग खुद से जानकारी दुरुस्त नहीं करेंगे तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।