बीबीएमबी ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
इस पर बीबीएमबी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। अब हरियाणा सरकार ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) के संचालन और जल वितरण को लेकर चल रहे विवाद में हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर पंजाब पर गंभीर आरोप लगाए है। पंजाब द्वारा एसवाईएल नहर निर्माण के आदेशों की लगातार अवहेलना का हवाला देते हुए हरियाणा ने इसे ‘कानूनी प्रक्रिया की उपेक्षा’ बताया है।
हाईकोर्ट ने पंजाब को 22 तक अपना पक्ष रखने को कहा
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार, हरियाणा व भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा दायर जवाबों पर अपना पक्ष रखने के लिए पंजाब सरकार को बुधवार के लिए अंतिम अवसर दिया है। पंजाब सरकार द्वारा हाई कोर्ट में छह मई के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें हरियाणा को जल संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त पानी देने का आदेश दिया गया था।
केंद्र, बीबीएमबी व हरियाणा सरकार ने अपने जवाबों में पंजाब के रवैये की आलोचना की है तथा जुर्माने के साथ पंजाब की याचिका खारिज करने का आग्रह किया है। चीफ जस्टिस शील नागू व जस्टिस सुमित गोयल की खंडपीठ ने एक दिन की मोहलत दी है। मामले की सुनवाई अब 22 मई को होगी।
बांध पर पंजाब सरकार मनाएगी ‘फतेह दिवस’
21 मई तक पानी न छोड़ने पर अड़ी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार बुधवार को नंगल बांध पर फतेह दिवस मनाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल होंगे।
पिछले दो सप्ताह से नंगल बांध पर धरना लगाकर बैठे आप कार्यकर्ताओं, जिनमें मंत्री हरजोत बैंस भी शामिल हैं, ने कहा कि हरियाणा अपने कोटे का पानी मार्च महीने में खर्च कर चुका है। अब अतिरिक्त पानी मांग रहा है जबकि उन्हें पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पंजाब ने अपने हिस्से का 4,000 क्यूसेक पानी दिया है।