Hariyali Teej: आज 27 जुलाई को हरियाली तीज मनाई जा रही है। यह पर्व खासतौर पर सावन महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह दिन शादीशुदा और कुंवारी दोनों ही महिलाओं के लिए खास होता है।
क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज?
हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तप और व्रत किया था। इसी वजह से यह दिन उनकी भक्ति और दृढ़ निश्चय का प्रतीक माना जाता है।
हरियाली तीज का महत्व
- शादीशुदा महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।
- कुंवारी लड़कियां अच्छा और योग्य जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं।
- इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
हरियाली तीज व्रत कैसे रखें?
व्रत की शुरुआत कैसे करें?
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- लाल या पीले रंग की साड़ी पहनें।
- संपूर्ण 16 श्रृंगार करें (जैसे बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी, आदि)।
- भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर के सामने पूजा की तैयारी करें।
पूजा कैसे करें?
- पूजा में गंगाजल, धूप-दीप, बेलपत्र, सफेद और लाल फूल, फल और नैवैद्य (भोग) चढ़ाएं।
- माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की चीजें अर्पित करें।
- हरियाली तीज व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
- फिर आरती करें और भगवान को भोग लगाएं।
- पूजा के बाद प्रसाद बांटें।
व्रत रखने के नियम
- कुछ महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत (बिना पानी के उपवास) रखती हैं।
- हरे रंग की साड़ी और हरी चूड़ियों का विशेष महत्व है।
- माता पार्वती की तरह श्रृंगार और पूजन करना जरूरी होता है।
- व्रत के दिन:
- झूठ ना बोलें
- किसी से गुस्सा ना करें
- किसी की बुराई ना करें
- काले कपड़े न पहनें
- तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज, मांस आदि) से दूर रहें
- दिन में न सोएं
व्रत कैसे खोलें?
- अगले दिन सुबह उठकर फिर से स्नान करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती की फिर से पूजा करें।
- सूर्य देवता को अर्घ्य (जल) अर्पित करें।
- फिर धीरे-धीरे पानी पिएं, इसके बाद फल या जूस लें।
- उसके बाद हल्का भोजन करें। मसालेदार या तला-भुना खाना न खाएं।