नई दिल्ली। त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और लोग सोना-चांदी की ज्वैलरी खरीदने या निवेश करने की प्लानिंग करते हैं। ऐसे में आपके लिए अच्छी खबर है – सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और मजबूत हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतें अक्सर नीचे आती हैं। बॉन्ड यील्ड बढ़ना: अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों ने सोने से पैसे निकालकर बॉन्ड में लगाना शुरू किया। इससे सोने की मांग थोड़ी कम हुई। फेडरल रिजर्व की नीतियां: अमेरिका के केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) की नीतियों ने भी सोने के दाम पर दबाव डाला।

भारत में सोने के ताजा दाम (25 सितंबर 2025)
देश के बड़े शहरों में आज सोने के दाम पहले से थोड़े कम हुए हैं।
- 22 कैरेट सोना: हल्की गिरावट देखी गई है।
- 24 कैरेट सोना: कीमतें नीचे आई हैं।
- मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में सोना आज पहले से सस्ता मिल रहा है।
MCX पर सोने-चांदी की चाल
- सोना: वायदा बाजार (MCX) में शुरुआती कारोबार में सोना 0.32% गिरकर ₹1,12,200 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
- चांदी: चांदी में हल्की तेजी आई और इसका भाव 0.22% बढ़कर ₹1,34,090 प्रति किलो हो गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की स्थिति
हाजिर सोना (Spot Gold) $3,737.01 प्रति औंस पर रहा। दिसंबर डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा (US Gold Futures) $3,767.90 पर लगभग स्थिर रहा। डॉलर इंडेक्स में 0.1% की हल्की गिरावट आई, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए सोना थोड़ा सस्ता हुआ।अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका की PCE रिपोर्ट पर हैं, जो महंगाई का अहम संकेतक है।
भारत में सोने की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में सोने की कीमतें कई कारणों पर निर्भर करती हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतें
- आयात शुल्क और टैक्स
- रुपये और डॉलर का विनिमय दर (Currency Exchange Rate)
- सरकार की नीतियां
- मांग और आपूर्ति: त्योहार और शादी-ब्याह के मौसम में सोने की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतें भी बढ़ती हैं।