हाल ही में मीडिया में खबरें आई थीं कि संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) पाकिस्तान को नई Advanced Medium-Range Air-to-Air Missiles (AMRAAMs) यानी एडवांस्ड मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भेजने वाला है। लेकिन अब अमेरिकी युद्ध विभाग (U.S. Department of Defense) ने इन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है। विभाग ने कहा कि इन रिपोर्टों में सच्चाई नहीं है और जनता को केवल आधिकारिक बयान पर भरोसा करना चाहिए।
असल में क्या है यह समझौता
अमेरिका ने बताया कि हाल ही में जारी जो स्टैंडर्ड कॉन्ट्रैक्ट घोषणा हुई है, उसका उद्देश्य नई मिसाइलें देना नहीं बल्कि पुराने उपकरणों की मरम्मत, रख-रखाव (sustainment) और स्पेयर पार्ट्स (spares) उपलब्ध कराना है। इसका मतलब यह है कि पाकिस्तान को केवल पुराने सिस्टम को चलाने के लिए ज़रूरी पुर्ज़े दिए जा रहे हैं, कोई नई मिसाइल या अपग्रेड नहीं।
यह कदम कई देशों के लिए लिया गया है
यह घोषणा फॉरेन मिलिट्री सेल्स (Foreign Military Sales – FMS) प्रोग्राम के तहत की गई है। अमेरिका ने बताया कि यह केवल पाकिस्तान के लिए नहीं है, बल्कि इसमें कई देश शामिल हैं।
इन देशों में शामिल हैं —
ब्रिटेन, पोलैंड, पाकिस्तान, जर्मनी, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, रोमानिया, कतर, ओमान, दक्षिण कोरिया, यूनान, स्विट्जरलैंड, पुर्तगाल, सिंगापुर, नीदरलैंड, चेक गणराज्य, जापान, स्लोवाकिया, डेनमार्क, कनाडा, बेल्जियम, बहरीन, सऊदी अरब, इटली, नॉर्वे, स्पेन, कुवैत, स्वीडन, ताइवान, लिथुआनिया, इज़रायल, बुल्गारिया, हंगरी और तुर्की। इन सभी को FMS समझौते के तहत रख-रखाव और पुर्ज़ों से जुड़ी सामग्री दी जाएगी।
पहले की रिपोर्टों में क्या कहा गया था
कुछ दिनों पहले की रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें मिलेंगी। यह भी कहा गया था कि इससे पाकिस्तान की F-16 फाइटर जेट (लड़ाकू विमान) बेड़ा और आधुनिक हो जाएगा। हालांकि, अमेरिकी विभाग ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई नया मिसाइल सौदा नहीं हुआ है।
पाकिस्तान के F-16 विमान और AMRAAM मिसाइलें
पाकिस्तान के पास पहले से ही F-16 लड़ाकू विमान हैं, जिन्हें अमेरिका ने पहले दिया था। इन विमानों में AIM-120 AMRAAM मिसाइलें इस्तेमाल की जा सकती हैं, लेकिन अभी तक किसी नए अपग्रेड या मिसाइल सप्लाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
युद्ध विभाग ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था सिर्फ पुर्ज़ों और सर्विसिंग के लिए है ताकि ये विमान चालू हालत में बने रहें।
अमेरिकी विभाग की अपील
अमेरिका ने मीडिया और आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी आधिकारिक बयान पर भरोसा करें।
विभाग ने यह भी कहा कि इस तरह की गलत खबरें दो देशों के रिश्तों को गलत दिशा में ले जा सकती हैं, इसलिए तथ्यों को समझना ज़रूरी है।